bharat ka savidhan, भारत के सविंधान की अनुसूचियां

सविंधान की अनुसूचियां

सविंधान की अनुसूचियां

 

भारत के सविंधान के मूल पाठ में 8 अनुसूचियां थीं, वर्तमान में 12 हैं

 

सविंधान की अनुसूचियां लगभग हर परीक्षाओं में पूछी जाती हैं जो की इस प्रकार हैं 

 

bharat ka savidhan, भारत के सविंधान की अनुसूचियां
Bharat ka Savidhan

 

प्रथम अनुसूची – राज्य व संघीय (केंद्र शाषित प्रदेशों) क्षेत्रों का वर्णन

द्वितीय अनुसूची – पदाधिकारियों के वेतन व भते जैसे प्रधानमंत्री, राज्यपाल इत्यादि

तृतीय अनुसूची – शपथ दिलाना

चतुर्थ अनुसूची – राज्य सभा में प्रतिनिधित्व का वर्णन

पांचवी अनुसूची – ST व SC के प्रशासन की जानकारी, ST और SC की जानकारी

छठी अनुसूची – चार राज्यों (AMPM याद  रखने का तरीका) असम , मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन का प्रावधान

सातवीं अनुसूची – केंद्र व् राज्यों के मध्य शक्तियों का बंटवारा

 

संघ सूचि या केंद्र सूचि – इसमें मूल रूप से 97 विषय थे  वर्तमान में 100 विषय हैं

मुख्य विषय – रक्षा, विदेशी मामले, मुद्रा, रेलवे, रक्षा नौसेना, वायु सेना, थल सेना, आयुध, परमाणु उर्जा, पासपोर्ट वीजा, राष्ट्रीय राजमार्ग बंदरगाह, डाकतार, टेलीफोन, डाकघर जनगणना, निगम कर, समाचार पत्रों के क्रय-विक्रय तथा उनके विज्ञापनों पर कर

राज्य सूचि – इसमें शुरुआत में 66 विषय थे, वर्तमान में 61 हो गए

मुख्य विषय – कानून व्यवस्था, पुलिस,

स्थानीय शासन – लोग स्वास्थ्य व स्वच्छता, अस्पताल, शव अंतिम क्रिया व क़ब्रिस्तान, बाज़ार मेले, कृषि आय पर कर, भूमि व् भवन कर आदि

 

तीसरी समवर्ती सूचि इनको मिलकर है – इस सूचि में संघ व् राज्य सरकार दोनों कानून बना सकती हैं, इसमें मूल विषय 47 थे, वर्तमान में 52 हैं

दंड विधि, विवाह व विवाह विच्छेद , वन, शिक्षा, विधिवृत, चिकित्सा वृति, जनसंख्या नियंत्रण एवं परिवार नियोजन, संपति का अर्जन एवं अधिग्रहण, जन्म व् मृत्यु का पंजीकरण, विद्युत् वार्ड व् माप आदि

 

 

आठवीं अनुसूची – 22 भाषाओँ का लेख – इसमें तीन संशोधन हुए थे, पहले 30 भाषांए थीं 21वां संशोधन 1967 सिन्धी भाषा 15 नंबर पर थी, 71वां संशोधन 1992 (याद रखने का तरीका नमक) नेपाली मणिपुर कोंकणी 3 भाषाएँ जोड़ी गईं

92वां संशोधन 2003 (याद रखने का तरीका BODOMAS) बोडो, डोगरी, मैथिलि, संथाली, 19, 20, 21, 22  भाषा जोड़ी गईं

 

नवीं अनुसूची – भूमि अधिग्रहण और सम्पति का अधिग्रहण – इसे 1951 में पहले सवैंधानिक संशोधन में जोड़ा गया इसके किसी भी अधिनियम को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है

 

दसवीं अनुसूची – दल बदल पर कानून – इस अनुसूची को 52 सविंधान संशोधन अधिनियम 1985 में जोड़ा गया है

 

ग्याहरवीं अनुसूची – पंचायती राज संस्थान का वर्णन – इसे 73वें सवैधानिक संशोधन में  1992-1993 में जोड़ा गया है इसमें पंचायत का वर्णन है

 

बाहरवीं अनुसूची – नगरपालिका का वर्णन – इसे 1993 और 94 में 74वें संशोधन में जोड़ा गया

 

Please Comments 

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!